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mahabharat 4.14.22: 'तनुमाध्यमे! आपकी कमर इतनी पतली है कि उसे तर्जनी (अंगूठे से तर्जनी के अग्र भाग तक) से नापा जा सकता है। त्रिवली की तीन रेखाओं से वह अत्यंत सुन्दर लगती है। आपके स्तनों के भार से वह कुछ झुक गई है।॥ 22॥   |   mahabharat अध्याय 4.14: कीचकका द्रौपदीपर आसक्त हो उससे प्रणययाचना करना और द्रौपदीका उसे फटकारना   ।   mahabharat पर्व 4: विराट पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 4: विराट पर्व  »  अध्याय 14: कीचकका द्रौपदीपर आसक्त हो उससे प्रणययाचना करना और द्रौपदीका उसे फटकारना  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  4.14.22 
वलीविभङ्गचतुरं स्तनभारविनामितम्।
कराग्रसम्मितं मध्यं तवेदं तनुमध्यमे॥ २२॥
 
 
अनुवाद
'तनुमाध्यमे! आपकी कमर इतनी पतली है कि उसे तर्जनी (अंगूठे से तर्जनी के अग्र भाग तक) से नापा जा सकता है। त्रिवली की तीन रेखाओं से वह अत्यंत सुन्दर लगती है। आपके स्तनों के भार से वह कुछ झुक गई है।॥ 22॥
 
‘Tanumadhyame! Your waist is so thin that it can be measured with the forefingers (from the thumb to the tip of the index finger). It looks extremely beautiful with the three lines of the Trivali. The weight of your breasts has bent it a bit.॥ 22॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)