लक्ष्मी: पद्मालया का त्वमथ भूति: सुमध्यमे।
ह्री: श्री: कीर्तिरथो कान्तिरासां का त्वं वरानने॥ १६॥
अनुवाद
सुमध्यमे! क्या आप कमल में निवास करने वाली लक्ष्मी हैं या साकार हैं? सुमुखी! लज्जा, श्री, कीर्ति और कांति - इन देवियों में आप कौन हैं? 16॥
Sumadhyame! Are you Lakshmi who resides in lotus or a corporeal personality? Sumukhi! Lajja, Shree, Kirti and Kanti – who are you among these goddesses? 16॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)