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श्लोक 4.13.46  |
एवं ते न्यवसंस्तत्र प्रच्छन्ना: पुरुषर्षभा:।
कर्माणि तस्य कुर्वाणा विराटनृपतेस्तदा॥ ४६॥ |
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| अनुवाद |
| इस प्रकार श्रेष्ठ पुरुष पाण्डव उस समय वहाँ छिपे रहकर राजा विराट के लिए अनेक कर्तव्य करते रहे। |
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| In this manner the Pandavas, who were the best of men, remained hidden there at that time, performing various duties for King Virata. 46. |
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इति श्रीमहाभारते विराटपर्वणि समयपालनपर्वणि जीमूतवधे त्रयोदशोऽध्याय:॥ १३॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत विराटपर्वके अन्तर्गत समयपालनपर्वमें जीमूतवधसम्बन्धी तेरहवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ १३॥
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