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mahabharat 4.12.6-7: नकुल बोले - हे शत्रुओं का नाश करने वाले! सुनिए, पाँचों पाण्डवों में ज्येष्ठ युधिष्ठिर ने पहले मुझे घोड़ों की देखभाल के लिए नियुक्त किया था। मैं घोड़ों की नस्ल जानता हूँ और उन्हें सब प्रकार से प्रशिक्षित करने की कला भी जानता हूँ। मैं दुष्ट घोड़ों के अनिष्ट निवारण का उपाय भी जानता हूँ और घोड़ों का पूर्णतः सत्कार करना भी जानता हूँ।   |   mahabharat अध्याय 4.12: नकुलका विराटके अश्वोंकी देखरेखमें नियुक्त होना   ।   mahabharat पर्व 4: विराट पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 4: विराट पर्व  »  अध्याय 12: नकुलका विराटके अश्वोंकी देखरेखमें नियुक्त होना  »  श्लोक 6-7
 
 
श्लोक  4.12.6-7 
नकुल उवाच
पञ्चानां पाण्डुपुत्राणां ज्येष्ठो भ्राता युधिष्ठिर:।
तेनाहमश्वेषु पुरा नियुक्त: शत्रुकर्शन॥ ६॥
अश्वानां प्रकृतिं वेद्मि विनयं चापि सर्वश:।
दुष्टानां प्रतिपत्तिं च कृत्स्नं चैव चिकित्सितम्॥ ७॥
 
 
अनुवाद
नकुल बोले - हे शत्रुओं का नाश करने वाले! सुनिए, पाँचों पाण्डवों में ज्येष्ठ युधिष्ठिर ने पहले मुझे घोड़ों की देखभाल के लिए नियुक्त किया था। मैं घोड़ों की नस्ल जानता हूँ और उन्हें सब प्रकार से प्रशिक्षित करने की कला भी जानता हूँ। मैं दुष्ट घोड़ों के अनिष्ट निवारण का उपाय भी जानता हूँ और घोड़ों का पूर्णतः सत्कार करना भी जानता हूँ।
 
Nakul said - O destroyer of enemies! Listen, Yudhishthira, the eldest of the five Pandavas, had earlier employed me to take care of horses. I know the breed of horses and also know the art of training them in all ways. I also know the way to prevent the evil of rogue horses and I also know how to treat horses completely. 6-7.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)