श्री महाभारत  »  पर्व 4: विराट पर्व  »  अध्याय 1: विराटनगरमें अज्ञातवास करनेके लिये पाण्डवोंकी गुप्त मन्त्रणा तथा युधिष्ठिरके द्वारा अपने भावी कार्यक्रमका दिग्दर्शन  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  4.1.14 
एतेषां कतमो राजन् निवासस्तव रोचते।
यत्र वत्स्यामहे राजन् संवत्सरमिमं वयम्॥ १४॥
 
 
अनुवाद
राजा! इनमें से किस राष्ट्र में रहना आपको अच्छा लगता है? इस वर्ष हम सब को उसी राष्ट्र में रहना चाहिए॥14॥
 
King! Which of these nations do you like to live in? We all should live in that nation this year.॥ 14॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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