| श्री महाभारत » पर्व 4: विराट पर्व » अध्याय 1: विराटनगरमें अज्ञातवास करनेके लिये पाण्डवोंकी गुप्त मन्त्रणा तथा युधिष्ठिरके द्वारा अपने भावी कार्यक्रमका दिग्दर्शन » श्लोक 12-13 |
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| | | | श्लोक 4.1.12-13  | सन्ति रम्या जनपदा बह्वन्ना: परित: कुरून्।
पाञ्चालाश्चेदिमत्स्याश्च शूरसेना: पटच्चरा:॥ १२॥
दशार्णा नवराष्ट्राश्च मल्ला: शाल्वा युगन्धरा:।
कुन्तिराष्ट्रं च विपुलं सुराष्ट्रावन्तयस्तथा॥ १३॥ | | | | | | अनुवाद | | कुरु देश के चारों ओर अनेक सुन्दर जनपद हैं, जहाँ प्रचुर मात्रा में भोजन मिलता है। उनके नाम हैं- पांचाल, चेदि, मत्स्य, शूरसेन, पटाच्छर, दशार्ण, नवराष्ट्र, मल्ल, शाल्व, युगन्धर, विशाल कुन्ती राष्ट्र, सौराष्ट्र और अवन्ति॥12-13॥ | | | | There are many beautiful districts around Kuru country, where there is a lot of food. Their names are Panchal, Chedi, Matsya, Shurasena, Patacchar, Dasharna, Navarashtra, Malla, Shalva, Yugandhar, Vishal Kunti Rashtra, Saurashtra and Avanti.॥12-13॥ | | ✨ ai-generated | | |
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