Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.99.35-36: जहाँ परशुराम जी ने स्नान करके उसी क्षण अपना खोया हुआ तेज पुनः प्राप्त किया था। पाण्डुपुत्र! तुम अपने भाइयों और द्रौपदी सहित यहाँ स्नान करके दुर्योधन द्वारा छीना हुआ अपना तेज पुनः प्राप्त कर सकते हो। जैसे परशुराम ने यहाँ स्नान के प्रभाव से दशरथ पुत्र श्रीराम द्वारा छीना हुआ तेज पुनः प्राप्त किया था। | mahabharat अध्याय 3.99: अगस्त्यजीका इल्वलके यहाँ धनके लिये जाना, वातापि तथा इल्वलका वध,लोपामुद्राको पुत्रकी प्राप्ति तथा श्रीरामके द्वारा हरे हुए तेजकी परशुरामजीको तीर्थस्नानद्वारा पुन: प्राप्ति । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जहाँ परशुराम जी ने स्नान करके उसी क्षण अपना खोया हुआ तेज पुनः प्राप्त किया था। पाण्डुपुत्र! तुम अपने भाइयों और द्रौपदी सहित यहाँ स्नान करके दुर्योधन द्वारा छीना हुआ अपना तेज पुनः प्राप्त कर सकते हो। जैसे परशुराम ने यहाँ स्नान के प्रभाव से दशरथ पुत्र श्रीराम द्वारा छीना हुआ तेज पुनः प्राप्त किया था।
Where Parshuram ji took bath and regained his lost glory in the same moment. Son of Pandu! You can regain your glory snatched by Duryodhan by taking bath here along with your brothers and Draupadi. Just like Parshuram regained his glory snatched by Dasharathan's son Shri Ram by the effect of bathing here.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥