Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.99.27: पिता के घर में रहते हुए तेजस्वी दृढस्यु ने बाल्यकाल से ही इध्मा (समिधा) का भार उठाना आरम्भ कर दिया; इसलिए वे 'इध्मवाह' नाम से प्रसिद्ध हुए। | mahabharat अध्याय 3.99: अगस्त्यजीका इल्वलके यहाँ धनके लिये जाना, वातापि तथा इल्वलका वध,लोपामुद्राको पुत्रकी प्राप्ति तथा श्रीरामके द्वारा हरे हुए तेजकी परशुरामजीको तीर्थस्नानद्वारा पुन: प्राप्ति । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स बाल एव तेजस्वी पितुस्तस्य निवेशने।
इध्मानां भारमाजह्रे इध्मवाहस्ततोऽभवत्॥ २७॥
अनुवाद
पिता के घर में रहते हुए तेजस्वी दृढस्यु ने बाल्यकाल से ही इध्मा (समिधा) का भार उठाना आरम्भ कर दिया; इसलिए वे 'इध्मवाह' नाम से प्रसिद्ध हुए।
While living in his father's house, the radiant Dridhasyu began carrying the load of Idhma (samidha) right from childhood; hence he became famous by the name 'Idhmavaha'.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥