Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.99.25: सात वर्ष के पश्चात् उस गर्भ से अपनी शक्ति और प्रभाव से प्रज्वलित होता हुआ गर्भ प्रकट हुआ। वही महापंडित धरस्यु के नाम से प्रसिद्ध हुआ ॥25॥ | mahabharat अध्याय 3.99: अगस्त्यजीका इल्वलके यहाँ धनके लिये जाना, वातापि तथा इल्वलका वध,लोपामुद्राको पुत्रकी प्राप्ति तथा श्रीरामके द्वारा हरे हुए तेजकी परशुरामजीको तीर्थस्नानद्वारा पुन: प्राप्ति । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सप्तमेऽब्दे गते चापि प्राच्यवत् स महाकवि:।
ज्वलन्निव प्रभावेण दृढस्युर्नाम भारत॥ २५॥
अनुवाद
सात वर्ष के पश्चात् उस गर्भ से अपनी शक्ति और प्रभाव से प्रज्वलित होता हुआ गर्भ प्रकट हुआ। वही महापंडित धरस्यु के नाम से प्रसिद्ध हुआ ॥25॥
India After seven years, the womb came out of the womb blazing with its power and influence. The same great scholar became famous by the name of Dharasyu. 25॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥