Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.99.24: गर्भ धारण करके अगस्त्य जी वन में चले गए। वन में जाने के बाद सात वर्ष तक गर्भ माता के गर्भ में बढ़ता और विकसित होता रहा॥ 24॥ | mahabharat अध्याय 3.99: अगस्त्यजीका इल्वलके यहाँ धनके लिये जाना, वातापि तथा इल्वलका वध,लोपामुद्राको पुत्रकी प्राप्ति तथा श्रीरामके द्वारा हरे हुए तेजकी परशुरामजीको तीर्थस्नानद्वारा पुन: प्राप्ति । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
गर्भ धारण करके अगस्त्य जी वन में चले गए। वन में जाने के बाद सात वर्ष तक गर्भ माता के गर्भ में बढ़ता और विकसित होता रहा॥ 24॥
After conceiving the child, Agastya went back to the forest. After he went to the forest, the foetus continued to grow and develop in the mother's womb for seven years.॥ 24॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥