श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 99: अगस्त्यजीका इल्वलके यहाँ धनके लिये जाना, वातापि तथा इल्वलका वध,लोपामुद्राको पुत्रकी प्राप्ति तथा श्रीरामके द्वारा हरे हुए तेजकी परशुरामजीको तीर्थस्नानद्वारा पुन: प्राप्ति  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  3.99.19 
लोपामुद्रोवाच
कृतवानसि तत् सर्वं भगवन् मम काङ्क्षितम्।
उत्पादय सकृन्मह्यमपत्यं वीर्यवत्तरम्॥ १९॥
 
 
अनुवाद
लोपामुद्रा बोली - हे प्रभु ! आपने मेरी समस्त मनोकामनाएँ पूर्ण कर दी हैं । अब आप कृपा करके मुझसे एक अत्यंत शक्तिशाली पुत्र उत्पन्न करें ॥19॥
 
Lopamudra said - O Lord! You have fulfilled all my desires. Now please give birth to a very powerful son from me.॥ 19॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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