Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.98.7: फिर वह श्रुतवर्वा को साथ लेकर राजा वृधंश्व के पास गया। राजा वृधंश्व ने भी अपने राज्य की सीमा पर आकर दोनों माननीय अतिथियों का स्वागत किया और उन्हें आदरपूर्वक स्वीकार किया। | mahabharat अध्याय 3.98: धन प्राप्त करनेके लिये अगस्त्यका श्रुतर्वा, ब्रध्नश्व और त्रसदस्यु आदिके पास जाना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स श्रुतर्वाणमादाय ब्रध्नश्वमगमत् तत:।
स च तौ विषयस्यान्ते प्रत्यगृह्णाद् यथाविधि॥ ७॥
अनुवाद
फिर वह श्रुतवर्वा को साथ लेकर राजा वृधंश्व के पास गया। राजा वृधंश्व ने भी अपने राज्य की सीमा पर आकर दोनों माननीय अतिथियों का स्वागत किया और उन्हें आदरपूर्वक स्वीकार किया।
Then he took Shrutvarva along with him and went to King Bridhanshva. King Bridhanshva too came to the border of his kingdom and welcomed both the honourable guests and accepted them with due respect. 7.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥