Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.97.9-10: तब केले के समान जंघाओं वाली और विशाल नेत्रों वाली लोपामुद्रा ने अपने बहुमूल्य, सुन्दर और आकर्षक वस्त्र उतारकर फटे हुए पुराने वस्त्र, छाल और मृगचर्म धारण कर लिए। वह विशाल नेत्रों वाली कन्या अपने पति के समान व्रत और अनुष्ठान करने लगी॥9-10॥ | mahabharat अध्याय 3.97: महर्षि अगस्त्यका लोपामुद्रासे विवाह, गंगाद्वारमें तपस्या एवं पत्नीकी इच्छासे धनसंग्रहके लिये प्रस्थान । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तब केले के समान जंघाओं वाली और विशाल नेत्रों वाली लोपामुद्रा ने अपने बहुमूल्य, सुन्दर और आकर्षक वस्त्र उतारकर फटे हुए पुराने वस्त्र, छाल और मृगचर्म धारण कर लिए। वह विशाल नेत्रों वाली कन्या अपने पति के समान व्रत और अनुष्ठान करने लगी॥9-10॥
Then Lopamudra, with thighs like bananas and huge eyes, took off her precious, fine and attractive clothes and wore torn old clothes and bark and deerskin. That huge eyed girl started observing fasts and rituals like her husband.॥9-10॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥