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mahabharat 3.97.7: युधिष्ठिर! अपनी पुत्री की यह बात सुनकर राजा ने विधिपूर्वक अपनी पुत्री लोपामुद्रा का विवाह महात्मा अगस्त्य मुनि के साथ कर दिया॥7॥   |   mahabharat अध्याय 3.97: महर्षि अगस्त्यका लोपामुद्रासे विवाह, गंगाद्वारमें तपस्या एवं पत्नीकी इच्छासे धनसंग्रहके लिये प्रस्थान   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 97: महर्षि अगस्त्यका लोपामुद्रासे विवाह, गंगाद्वारमें तपस्या एवं पत्नीकी इच्छासे धनसंग्रहके लिये प्रस्थान  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  3.97.7 
दुहितुर्वचनाद् राजा सोऽगस्त्याय महात्मने।
लोपामुद्रां तत: प्रादाद् विधिपूर्वं विशाम्पते॥ ७॥
 
 
अनुवाद
युधिष्ठिर! अपनी पुत्री की यह बात सुनकर राजा ने विधिपूर्वक अपनी पुत्री लोपामुद्रा का विवाह महात्मा अगस्त्य मुनि के साथ कर दिया॥7॥
 
Yudhisthira! Hearing this from his daughter, the king formally married his daughter Lopamudra to Mahatma Agastya Muni. 7॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)