Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.95.16: उन्होंने शास्त्रानुसार चातुर्मास्य यज्ञ किया। वहाँ आये हुए ब्राह्मण ज्ञान और तप में वृद्धि करने वाले तथा वेदों के पारंगत विद्वान् हो गए। वे सभा में एक साथ बैठकर महापुरुषों की पवित्र कथाओं का पाठ करते थे। 16॥ | mahabharat अध्याय 3.95: पाण्डवोंका नैमिषारण्य आदि तीर्थोंमें जाकर प्रयाग तथा गयातीर्थमें जाना और गय राजाके महान् यज्ञोंकी महिमा सुनना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उन्होंने शास्त्रानुसार चातुर्मास्य यज्ञ किया। वहाँ आये हुए ब्राह्मण ज्ञान और तप में वृद्धि करने वाले तथा वेदों के पारंगत विद्वान् हो गए। वे सभा में एक साथ बैठकर महापुरुषों की पवित्र कथाओं का पाठ करते थे। 16॥
He performed Chaturmasya Yagya according to the scriptures. The Brahmins who came there grew in knowledge and penance and were expert scholars of the Vedas. Sitting together in the assembly, they recited sacred stories of great men. 16॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥