Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.93.24: महर्षियों की यह बात सुनकर द्रौपदीसहित पाण्डवों ने 'बहुत अच्छा' कहकर (उनकी आज्ञा स्वीकार करने तथा उनके द्वारा बताए गए नियमों का पालन करने की) प्रतिज्ञा की। तत्पश्चात् उन दिव्य और मानव महर्षियों ने उन सबके लिए मंगलमय मंत्रोच्चार किया॥ 24॥ | mahabharat अध्याय 3.93: ऋषियोंको नमस्कार करके पाण्डवोंका तीर्थयात्राके लिये विदा होना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ते तथेति प्रतिज्ञाय कृष्णया सह पाण्डवा:।
कृतस्वस्त्ययना: सर्वे मुनिभिर्दिव्यमानुषै:॥ २४॥
अनुवाद
महर्षियों की यह बात सुनकर द्रौपदीसहित पाण्डवों ने 'बहुत अच्छा' कहकर (उनकी आज्ञा स्वीकार करने तथा उनके द्वारा बताए गए नियमों का पालन करने की) प्रतिज्ञा की। तत्पश्चात् उन दिव्य और मानव महर्षियों ने उन सबके लिए मंगलमय मंत्रोच्चार किया॥ 24॥
On hearing the Maharishis say this, the Pandavas including Draupad said 'very good' and took a vow (to accept their orders and follow the rules laid down by them). Thereafter, those divine and human Maharishis gave auspicious recitations for all of them.॥ 24॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥