Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.92.16: हे प्रभु! आपने मुझे तीर्थों के दर्शन के लिए जो उत्साह दिया है, वह उत्तम है। मैंने धूम्यजी के निर्देशानुसार तीर्थों के दर्शन की योजना बना ली है। | mahabharat अध्याय 3.92: महर्षि लोमशके मुखसे इन्द्र और अर्जुनका संदेश सुनकर युधिष्ठिरका प्रसन्न होना और तीर्थयात्राके लिये उद्यत हो अपने अधिक साथियोंको विदा करना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे प्रभु! आपने मुझे तीर्थों के दर्शन के लिए जो उत्साह दिया है, वह उत्तम है। मैंने धूम्यजी के निर्देशानुसार तीर्थों के दर्शन की योजना बना ली है।
O Lord! The enthusiasm you have given me to visit the holy places is fine. I have already planned to visit the holy places as per the instructions of Dhumyaji.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥