Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.91.12: ‘युधिष्ठिर! अर्जुन ने मन्त्र, संकल्प, प्रायश्चित और मंगल सहित भगवान रुद्र का वह अस्त्र प्राप्त कर लिया है जो वज्र के समान अभेद्य है। इसके साथ ही उसने दण्ड आदि अन्य अस्त्र भी प्राप्त कर लिए हैं॥ 12॥ | mahabharat अध्याय 3.91: महर्षि लोमशका आगमन और युधिष्ठिरसे अर्जुनके पाशुपत आदि दिव्यास्त्रोंकी प्राप्तिका वर्णन तथा इन्द्रका संदेश सुनाना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
‘युधिष्ठिर! अर्जुन ने मन्त्र, संकल्प, प्रायश्चित और मंगल सहित भगवान रुद्र का वह अस्त्र प्राप्त कर लिया है जो वज्र के समान अभेद्य है। इसके साथ ही उसने दण्ड आदि अन्य अस्त्र भी प्राप्त कर लिए हैं॥ 12॥
‘Yudhishthira! Arjuna has obtained that weapon of the deity Rudra which is as impenetrable as a thunderbolt, along with the mantra, conclusion, atonement and auspiciousness. Along with this, he has also got hold of other weapons like the stick etc.॥ 12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥