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श्री महाभारत
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पर्व 3: वन पर्व
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अध्याय 90: धौम्यद्वारा उत्तर दिशाके तीर्थोंका वर्णन
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श्लोक 16
श्लोक
3.90.16
ऋषिर्महान् महाभागो जमदग्निर्महायशा:।
पलाशकेषु पुण्येषु रम्येष्वयजत प्रभु:॥ १६॥
अनुवाद
महाभाग, महान यश और महान प्रभाव वाले महर्षि जमदग्नि ने परम सुन्दर एवं पुण्यशाली पलासवन में यज्ञ किया था ॥16॥
Mahabhaga, great success and great influence Maharishi Jamdagni had performed Yagya in the most beautiful and virtuous Palasavan. 16॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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