Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.90.14: भरतश्रेष्ठ! ये दोनों ऋषि वेदों के विशेषज्ञ, वेदों के ज्ञाता और वेद विद्या के पूर्ण ज्ञाता हैं। इन्होंने पुण्य देने वाले उत्तम यज्ञों के द्वारा भगवान शंकर का यज्ञ सम्पन्न किया है।॥14॥ | mahabharat अध्याय 3.90: धौम्यद्वारा उत्तर दिशाके तीर्थोंका वर्णन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भरतश्रेष्ठ! ये दोनों ऋषि वेदों के विशेषज्ञ, वेदों के ज्ञाता और वेद विद्या के पूर्ण ज्ञाता हैं। इन्होंने पुण्य देने वाले उत्तम यज्ञों के द्वारा भगवान शंकर का यज्ञ सम्पन्न किया है।॥14॥
Bharatshrestha! Both of these sages are experts in Vedas, conversant with Vedas and fully knowledgeable in Veda Vidya. They have performed the Yagya of Lord Shankar through the best Yagyas that give virtue. 14॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥