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mahabharat 3.9.7: राजा! पहले ऐसा हुआ था कि गौमाता सुरभि स्वर्गलोक में जाकर बहुत विलाप करने लगी। पिताश्री! उस समय इंद्र को उस पर बहुत दया आई।   |   mahabharat अध्याय 3.9: व्यासजीके द्वारा सुरभि और इन्द्रके उपाख्यानका वर्णन तथा उनका पाण्डवोंके प्रति दया दिखलाना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  3.9.7 
त्रिविष्टपगता राजन् सुरभी प्रारुदत् किल।
गवां माता पुरा तात तामिन्द्रोऽन्वकृपायत॥ ७॥
 
 
अनुवाद
राजा! पहले ऐसा हुआ था कि गौमाता सुरभि स्वर्गलोक में जाकर बहुत विलाप करने लगी। पिताश्री! उस समय इंद्र को उस पर बहुत दया आई।
 
King! It happened earlier, Mother Cow Surabhi went to heaven and started crying profusely. Father! At that time Indra felt very sorry for her.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)