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mahabharat 3.9.23: हे राजन! यदि आप चाहते हैं कि सभी कौरव यहाँ जीवित रहें, तो आपके पुत्र दुर्योधन को पाण्डवों के साथ संधि कर लेनी चाहिए और शांति से रहना चाहिए।   |   mahabharat अध्याय 3.9: व्यासजीके द्वारा सुरभि और इन्द्रके उपाख्यानका वर्णन तथा उनका पाण्डवोंके प्रति दया दिखलाना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 9: व्यासजीके द्वारा सुरभि और इन्द्रके उपाख्यानका वर्णन तथा उनका पाण्डवोंके प्रति दया दिखलाना  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  3.9.23 
यदि पार्थिव कौरव्याञ्जीवमानानिहेच्छसि।
दुर्योधनस्तव सुत: शमं गच्छतु पाण्डवै:॥ २३॥
 
 
अनुवाद
हे राजन! यदि आप चाहते हैं कि सभी कौरव यहाँ जीवित रहें, तो आपके पुत्र दुर्योधन को पाण्डवों के साथ संधि कर लेनी चाहिए और शांति से रहना चाहिए।
 
O King! If you want all the Kauravas to remain alive here, then your son Duryodhana should reconcile with the Pandavas and live in peace. 23.
 
इति श्रीमहाभारते वनपर्वणि अरण्यपर्वणि सुरभ्युपाख्याने नवमोऽध्याय:॥ ९॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत वनपर्वके अन्तर्गत अरण्यपर्वमें सुरभि-उपाख्यानविषयक नवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ९॥

 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)