Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.9.21: हे भरत! बहुत समय से आपके एक सौ एक पुत्र हैं; किन्तु पाण्डु के केवल पाँच पुत्र ही दिखाई दे रहे हैं। वे भी निर्दोष, कपटरहित हैं और बहुत दुःख भोग रहे हैं॥ 21॥ | mahabharat अध्याय 3.9: व्यासजीके द्वारा सुरभि और इन्द्रके उपाख्यानका वर्णन तथा उनका पाण्डवोंके प्रति दया दिखलाना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे भरत! बहुत समय से आपके एक सौ एक पुत्र हैं; किन्तु पाण्डु के केवल पाँच पुत्र ही दिखाई दे रहे हैं। वे भी निर्दोष, कपटरहित हैं और बहुत दुःख भोग रहे हैं॥ 21॥
O Bharata! For a long time you have had one hundred and one sons; but only five sons of Pandu are visible. They too are innocent and devoid of deceit and are suffering a lot. ॥ 21॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥