Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.88.9: यदि एक ओर अनंत जल से परिपूर्ण गंगाजी के समान समस्त नदियां हों और दूसरी ओर केवल पवित्र पयोष्णी नदी हो, तो वह अन्य समस्त नदियों से श्रेष्ठ है; ऐसा मेरा मत है ॥9॥ | mahabharat अध्याय 3.88: धौम्यमुनिके द्वारा दक्षिण दिशावर्ती तीर्थोंका वर्णन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यदि एक ओर अनंत जल से परिपूर्ण गंगाजी के समान समस्त नदियां हों और दूसरी ओर केवल पवित्र पयोष्णी नदी हो, तो वह अन्य समस्त नदियों से श्रेष्ठ है; ऐसा मेरा मत है ॥9॥
If on one side there are all the rivers like Ganga filled with infinite water and on the other side there is only the holy river Payoshni, then it is better than all the other rivers; this is my opinion. ॥ 9॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥