Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.86.4: हे ब्राह्मण! मैं कृष्ण नाम वाले इन दोनों वीरों को अत्यन्त वीर और शत्रुओं का संहार करने में समर्थ मानता हूँ। महाबली वेदव्यास भी यही मानते हैं।॥4॥ | mahabharat अध्याय 3.86: युधिष्ठिरका धौम्य मुनिसे पुण्य तपोवन, आश्रम एवं नदी आदिके विषयमें पूछना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अहं ह्येतावुभौ ब्रह्मन् कृष्णावरिविघातिनौ।
अभिजानामि विक्रान्तौ तथा व्यास: प्रतापवान्॥ ४॥
अनुवाद
हे ब्राह्मण! मैं कृष्ण नाम वाले इन दोनों वीरों को अत्यन्त वीर और शत्रुओं का संहार करने में समर्थ मानता हूँ। महाबली वेदव्यास भी यही मानते हैं।॥4॥
'O Brahmin! I consider these two heroes named Krishna to be very brave and capable of killing the enemies. The mighty Vedavyasa also believes the same.॥ 4॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥