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श्लोक  3.85.82 
एषा यजनभूमिर्हि देवानामभिसंस्कृता।
तत्र दत्तं सूक्ष्ममपि महद् भवति भारत॥ ८२॥
 
 
अनुवाद
हे भरतनन्दन! यह वह यज्ञभूमि है जहाँ देवताओं ने अनुष्ठान किये हैं। यहाँ दिया गया छोटा सा दान भी महान माना जाता है। 82.
 
O Bharatanandan! This is the sacrificial ground where the gods have performed rituals. Even a small donation given here is considered to be great. 82.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)