Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.85.7: उसका पुण्यशाली कुल संसार सागर से पार हो जाता है। वह अपने समस्त पापों का नाश कर देता है और एक हजार गौओं के दान का फल पाकर अपने कुल को पवित्र कर लेता है ॥7॥ | mahabharat अध्याय 3.85: गंगासागर, अयोध्या, चित्रकूट, प्रयाग आदि विभिन्न तीर्थोंकी महिमाका वर्णन और गंगाका माहात्म्य । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उसका पुण्यशाली कुल संसार सागर से पार हो जाता है। वह अपने समस्त पापों का नाश कर देता है और एक हजार गौओं के दान का फल पाकर अपने कुल को पवित्र कर लेता है ॥7॥
His pious family crosses the ocean of the world. He destroys all his sins and by receiving the reward of donating a thousand cows, he purifies his family. ॥ 7॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥