Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.85.55: तत्पश्चात मेधावी तीर्थ में जाकर देवताओं और पितरों का तर्पण करें; ऐसा करने वाले को अग्निष्टोमयाग का फल प्राप्त होता है तथा स्मृति और बुद्धि प्राप्त होती है। | mahabharat अध्याय 3.85: गंगासागर, अयोध्या, चित्रकूट, प्रयाग आदि विभिन्न तीर्थोंकी महिमाका वर्णन और गंगाका माहात्म्य । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात मेधावी तीर्थ में जाकर देवताओं और पितरों का तर्पण करें; ऐसा करने वाले को अग्निष्टोमयाग का फल प्राप्त होता है तथा स्मृति और बुद्धि प्राप्त होती है।
After that, go to Medhavik Teertha and offer prayers to the gods and ancestors; The person who does this gets the results of Agnistomayagya and acquires memory and intelligence.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥