Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 3.85.43: तत्पश्चात् परशुरामजी की सेवा में शूर्पर्कतीर्थ जाओ। वहाँ रामतीर्थ में स्नान करने से मनुष्य प्रचुर मात्रा में स्वर्ण प्राप्त करता है ॥43॥   |   mahabharat अध्याय 3.85: गंगासागर, अयोध्या, चित्रकूट, प्रयाग आदि विभिन्न तीर्थोंकी महिमाका वर्णन और गंगाका माहात्म्य   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 85: गंगासागर, अयोध्या, चित्रकूट, प्रयाग आदि विभिन्न तीर्थोंकी महिमाका वर्णन और गंगाका माहात्म्य  »  श्लोक 43
 
 
श्लोक  3.85.43 
तत: शूर्पारकं गच्छेज्जामदग्न्यनिषेवितम्।
रामतीर्थे नर: स्नात्वा विन्द्याद् बहुसुवर्णकम्॥ ४३॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् परशुरामजी की सेवा में शूर्पर्कतीर्थ जाओ। वहाँ रामतीर्थ में स्नान करने से मनुष्य प्रचुर मात्रा में स्वर्ण प्राप्त करता है ॥43॥
 
After that, go to Shurparkatirtha in the service of Parashuram. By taking bath in Ramtirtha there, a person gets abundant amount of gold. 43॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)