Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.85.36-37h: जो मनुष्य कुशप्लवन तीर्थ में जाकर स्नान करता है, ब्रह्मचर्य का पालन करता है और एकाग्र मन से तीन रातों तक वहाँ निवास करता है, उसे अश्वमेध यज्ञ का फल प्राप्त होता है। | mahabharat अध्याय 3.85: गंगासागर, अयोध्या, चित्रकूट, प्रयाग आदि विभिन्न तीर्थोंकी महिमाका वर्णन और गंगाका माहात्म्य । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो मनुष्य कुशप्लवन तीर्थ में जाकर स्नान करता है, ब्रह्मचर्य का पालन करता है और एकाग्र मन से तीन रातों तक वहाँ निवास करता है, उसे अश्वमेध यज्ञ का फल प्राप्त होता है।
A man who goes to the Kushaplanavan Tirtha, takes a bath there, observes celibacy and stays there for three nights with concentrated mind, gets the result of performing an Ashwamedha Yagna. 36 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥