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mahabharat 3.85.29: वहाँ तीन रात रुकने वाले को एक हज़ार गायों के दान का फल मिलता है। हे मनुष्यों के स्वामी! वहाँ ब्राह्मणों की पहचान का स्पष्ट उदाहरण मौजूद है।   |   mahabharat अध्याय 3.85: गंगासागर, अयोध्या, चित्रकूट, प्रयाग आदि विभिन्न तीर्थोंकी महिमाका वर्णन और गंगाका माहात्म्य   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  3.85.29 
त्रिरात्रमुषितस्तत्र गोसहस्रफलं लभेत्।
निदर्शनं च प्रत्यक्षं ब्राह्मणानां नराधिप॥ २९॥
 
 
अनुवाद
वहाँ तीन रात रुकने वाले को एक हज़ार गायों के दान का फल मिलता है। हे मनुष्यों के स्वामी! वहाँ ब्राह्मणों की पहचान का स्पष्ट उदाहरण मौजूद है।
 
A person who stays there for three nights gets the reward of donating a thousand cows. O Lord of men! There is a clear example there to identify Brahmins.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)