Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.85.15-16h: तत्पश्चात पुण्यात्मा को पुण्य-लेप में जाकर स्नान करना चाहिए। ऐसा करने से तीर्थयात्री को वाजपेय यज्ञ का फल प्राप्त होता है और वह सभी देवताओं द्वारा पूजित होता है। 15 1/2॥ | mahabharat अध्याय 3.85: गंगासागर, अयोध्या, चित्रकूट, प्रयाग आदि विभिन्न तीर्थोंकी महिमाका वर्णन और गंगाका माहात्म्य । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात पुण्यात्मा को पुण्य-लेप में जाकर स्नान करना चाहिए। ऐसा करने से तीर्थयात्री को वाजपेय यज्ञ का फल प्राप्त होता है और वह सभी देवताओं द्वारा पूजित होता है। 15 1/2॥
Thereafter, the virtuous person should go and take bath in the virtuous wrap. By doing this the pilgrim gets the fruits of Vajpayee Yagya and is worshiped by all the gods. 15 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥