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mahabharat 3.85.124: हे धर्म के ज्ञाता! मैं भी इस यात्रा में तुम्हारे साथ चलूँगा। प्राचीन राजा महाभिष की भाँति तुम भी इन तीर्थस्थानों का भ्रमण करके क्रमशः महान यश प्राप्त करोगे ॥124॥   |   mahabharat अध्याय 3.85: गंगासागर, अयोध्या, चित्रकूट, प्रयाग आदि विभिन्न तीर्थोंकी महिमाका वर्णन और गंगाका माहात्म्य   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 85: गंगासागर, अयोध्या, चित्रकूट, प्रयाग आदि विभिन्न तीर्थोंकी महिमाका वर्णन और गंगाका माहात्म्य  »  श्लोक 124
 
 
श्लोक  3.85.124 
मयापि सह धर्मज्ञ तीर्थान्येतान्यनुक्रमात्।
प्राप्स्यसे महतीं कीर्तिं यथा राजा महाभिष:॥ १२४॥
 
 
अनुवाद
हे धर्म के ज्ञाता! मैं भी इस यात्रा में तुम्हारे साथ चलूँगा। प्राचीन राजा महाभिष की भाँति तुम भी इन तीर्थस्थानों का भ्रमण करके क्रमशः महान यश प्राप्त करोगे ॥124॥
 
O knower of Dharma! I will also accompany you in this journey. Like the ancient king Mahabhis, you too will gradually attain great fame by visiting these holy places. ॥ 124॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)