Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.85.118: जो व्यक्ति प्रातःकाल उठकर पुलस्त्य ऋषि द्वारा वर्णित समस्त तीर्थस्थानों के माहात्म्य सहित इस प्रसंग का पाठ करता है, वह सभी पापों से मुक्त हो जाता है। | mahabharat अध्याय 3.85: गंगासागर, अयोध्या, चित्रकूट, प्रयाग आदि विभिन्न तीर्थोंकी महिमाका वर्णन और गंगाका माहात्म्य । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो व्यक्ति प्रातःकाल उठकर पुलस्त्य ऋषि द्वारा वर्णित समस्त तीर्थस्थानों के माहात्म्य सहित इस प्रसंग का पाठ करता है, वह सभी पापों से मुक्त हो जाता है।
The person who wakes up in the morning and recites this episode along with the significance of all the pilgrimage places described by sage Pulasty, becomes free from all sins.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥