Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.85.1: पुलस्त्यजी कहते हैं- भीष्म! तत्पश्चात प्रातः और सायं पवित्र तीर्थस्थान में जाकर स्नान करने से मनुष्य विद्या प्राप्त करता है; इसमें कोई संदेह नहीं है।॥1॥ | mahabharat अध्याय 3.85: गंगासागर, अयोध्या, चित्रकूट, प्रयाग आदि विभिन्न तीर्थोंकी महिमाका वर्णन और गंगाका माहात्म्य । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पुलस्त्यजी कहते हैं- भीष्म! तत्पश्चात प्रातः और सायं पवित्र तीर्थस्थान में जाकर स्नान करने से मनुष्य विद्या प्राप्त करता है; इसमें कोई संदेह नहीं है।॥1॥
Pulastyaji says- Bhishma! Subsequently, by going to the sacred place of pilgrimage in the morning and evening and taking bath, a person gains education; There is no doubt in it. 1॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥