Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.84.65: जो मनुष्य गंगोद्भेद तीर्थ में जाकर तीन रात्रि तक उपवास करता है, उसे वाजपेय यज्ञ का फल प्राप्त होता है और वह सदा के लिए ब्रह्म में एक हो जाता है ॥ 65॥ | mahabharat अध्याय 3.84: नाना प्रकारके तीर्थोंकी महिमा । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो मनुष्य गंगोद्भेद तीर्थ में जाकर तीन रात्रि तक उपवास करता है, उसे वाजपेय यज्ञ का फल प्राप्त होता है और वह सदा के लिए ब्रह्म में एक हो जाता है ॥ 65॥
A person who goes to the Gangodbhed Tirtha and fasts for three nights obtains the fruits of the Vajapeya Yagya and becomes one with the Brahma forever. ॥ 65॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥