Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.84.61: धैर्यवान मनुष्य को तीर्थों के दर्शन हेतु तत्पर होकर एक मास तक नैमिषारण्य में रहना चाहिए। पृथ्वी के सभी तीर्थ नैमिषारण्य में विद्यमान हैं। 61. | mahabharat अध्याय 3.84: नाना प्रकारके तीर्थोंकी महिमा । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
धैर्यवान मनुष्य को तीर्थों के दर्शन हेतु तत्पर होकर एक मास तक नैमिषारण्य में रहना चाहिए। पृथ्वी के सभी तीर्थ नैमिषारण्य में विद्यमान हैं। 61.
A patient man should stay in Naimisharanya for a month, being ready to visit holy places. All the holy places on earth are present in Naimisharanya. 61.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥