Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.84.16-18h: भारत! तब से वह देवी 'शाकम्भरी' नाम से प्रसिद्ध हुईं। यदि कोई मनुष्य शाकम्भरी के पास जाकर ब्रह्मचारी रहकर तीन रात तक वहाँ शाक खाकर रहे, तो शाकाहारी को बारह वर्षों तक जो पुण्य मिलता है, वह देवी की इच्छा से उसे केवल तीन दिनों में प्राप्त हो जाता है। 16-17 1/2। | mahabharat अध्याय 3.84: नाना प्रकारके तीर्थोंकी महिमा । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भारत! तब से वह देवी 'शाकम्भरी' नाम से प्रसिद्ध हुईं। यदि कोई मनुष्य शाकम्भरी के पास जाकर ब्रह्मचारी रहकर तीन रात तक वहाँ शाक खाकर रहे, तो शाकाहारी को बारह वर्षों तक जो पुण्य मिलता है, वह देवी की इच्छा से उसे केवल तीन दिनों में प्राप्त हो जाता है। 16-17 1/2।
Bharat! Since then that goddess became famous by the name of 'Shakambhari'. If a person goes near Shakambhari and remains celibate and stays there for three nights eating vegetables, then the merits that a vegetarian gets for twelve years are obtained by him in just three days by the will of the goddess. 16-17 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥