Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.84.116: तत्पश्चात् सिद्धों द्वारा पूजित कम्पना नदी में पहुँचकर मनुष्य पुण्डरीकयज्ञ का फल प्राप्त करता है और स्वर्ग को जाता है ॥116॥ | mahabharat अध्याय 3.84: नाना प्रकारके तीर्थोंकी महिमा । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कम्पनां तु समासाद्य नदीं सिद्धनिषेविताम्।
पुण्डरीकमवाप्नोति स्वर्गलोकं च गच्छति॥ ११६॥
अनुवाद
तत्पश्चात् सिद्धों द्वारा पूजित कम्पना नदी में पहुँचकर मनुष्य पुण्डरीकयज्ञ का फल प्राप्त करता है और स्वर्ग को जाता है ॥116॥
Thereafter, reaching the Kampana river, which is worshipped by the Siddhas, the man obtains the fruits of the Pundarikayagya and goes to heaven. ॥ 116॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥