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श्लोक 3.84.111  |
जनकस्य तु राजर्षे: कूपस्त्रिदशपूजित:।
तत्राभिषेकं कृत्वा तु विष्णुलोकमवाप्नुयात्॥ १११॥ |
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| अनुवाद |
| राजा जनक के यहाँ एक कुआँ है जिसका देवता भी आदर करते हैं। वहाँ स्नान करने से मनुष्य विष्णुलोक को जाता है। 111. |
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| King Janaka has a well which even the gods respect. By bathing there a man goes to Vishnuloka. 111. |
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