Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 3.83.93: तत्पश्चात नियमपूर्वक निवास करते हुए मिष्ठान्न खाकर व्यासवन की यात्रा करें। वहाँ मनोजावतीर्थ में स्नान करने से मनुष्य को हजार गोदान का फल प्राप्त होता है। 93॥   |   mahabharat अध्याय 3.83: कुरुक्षेत्रकी सीमामें स्थित अनेक तीर्थोंकी महत्ताका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 83: कुरुक्षेत्रकी सीमामें स्थित अनेक तीर्थोंकी महत्ताका वर्णन  »  श्लोक 93
 
 
श्लोक  3.83.93 
ततो व्यासवनं गच्छेन्नियतो नियताशन:।
मनोजवे नर: स्नात्वा गोसहस्रफलं लभेत्॥ ९३॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात नियमपूर्वक निवास करते हुए मिष्ठान्न खाकर व्यासवन की यात्रा करें। वहाँ मनोजावतीर्थ में स्नान करने से मनुष्य को हजार गोदान का फल प्राप्त होता है। 93॥
 
After that, while living as per rules, eat sweets and travel to Vyasavan. By taking bath in Manojavatirtha there, a person gets the result of thousand Godan. 93॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)