श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 83: कुरुक्षेत्रकी सीमामें स्थित अनेक तीर्थोंकी महत्ताका वर्णन  »  श्लोक 56
 
 
श्लोक  3.83.56 
ततोऽम्बुमत्यां धर्मज्ञ सुतीर्थकमनुत्तमम्॥ ५६॥
 
 
अनुवाद
हे धर्मात्मा! वहाँ से अम्बुमति को जाओ, जो उत्तम तीर्थ है ॥56॥
 
Religious! From there, go to Ambumati, which is the best pilgrimage place. 56॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)