Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.83.5-6: (नारदजी कहते हैं—) युधिष्ठिर! वीर पुरुष को सरस्वती के तट पर एक मास तक निवास करना चाहिए; क्योंकि महाराज! ब्रह्मा आदि देवता, ऋषि, सिद्ध, चारण, गन्धर्व, अप्सराएँ, यक्ष और नाग भी उस परम पुण्यमय ब्रह्मक्षेत्र में जाते हैं। | mahabharat अध्याय 3.83: कुरुक्षेत्रकी सीमामें स्थित अनेक तीर्थोंकी महत्ताका वर्णन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
(नारदजी कहते हैं—) युधिष्ठिर! वीर पुरुष को सरस्वती के तट पर एक मास तक निवास करना चाहिए; क्योंकि महाराज! ब्रह्मा आदि देवता, ऋषि, सिद्ध, चारण, गन्धर्व, अप्सराएँ, यक्ष और नाग भी उस परम पुण्यमय ब्रह्मक्षेत्र में जाते हैं।
(Naradji says—) Yudhishthir! A courageous man should reside there on the banks of Saraswati for a month; Because Maharaj! Gods like Brahma, Rishis, Siddhas, Charans, Gandharvas, Apsaras, Yakshas and Nagas also go to that most virtuous Brahmakshetra. 5-6॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥