Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.83.29-30: पितरों ने कहा - महाभाग राम! परशुराम! भृगुनन्दन! विभो! हम तुम्हारी मातृभक्ति और वीरता से अत्यन्त प्रसन्न हैं। महाद्युते! तुम्हारा कल्याण हो। तुम वर माँग लो। कहो, तुम क्या चाहते हो? 29-30॥ | mahabharat अध्याय 3.83: कुरुक्षेत्रकी सीमामें स्थित अनेक तीर्थोंकी महत्ताका वर्णन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पितर ऊचु:
राम राम महाभाग प्रीता: स्म तव भार्गव॥ २९॥
अनया पितृभक्त्या च विक्रमेण च ते विभो।
वरं वृणीष्व भद्रं ते किमिच्छसि महाद्युते॥ ३०॥
अनुवाद
पितरों ने कहा - महाभाग राम! परशुराम! भृगुनन्दन! विभो! हम तुम्हारी मातृभक्ति और वीरता से अत्यन्त प्रसन्न हैं। महाद्युते! तुम्हारा कल्याण हो। तुम वर माँग लो। कहो, तुम क्या चाहते हो? 29-30॥
The ancestors said – Mahabhag Ram! Parshuram! Bhrigunandan! Vibho! We are very pleased with your devotion to your parents and your bravery. Mahadyute! May you be well. You ask for a boon. Tell me, what do you want? 29-30॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥