Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.83.18-19h: धर्मात्मा! वहाँ से परम उत्तम वराहतीर्थ जाओ, जहाँ भगवान विष्णु वराह रूप में सर्वप्रथम उपस्थित हुए थे। पुरुषोत्तम! वहाँ स्नान करने से अग्निष्टोमयज्ञ का फल प्राप्त होता है। 18 1/2॥ | mahabharat अध्याय 3.83: कुरुक्षेत्रकी सीमामें स्थित अनेक तीर्थोंकी महत्ताका वर्णन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
धर्मात्मा! वहाँ से परम उत्तम वराहतीर्थ जाओ, जहाँ भगवान विष्णु वराह रूप में सर्वप्रथम उपस्थित हुए थे। पुरुषोत्तम! वहाँ स्नान करने से अग्निष्टोमयज्ञ का फल प्राप्त होता है। 18 1/2॥
Religious! From there go to the most excellent Varahatirtha, where Lord Vishnu was first present in the form of Varaha. Male best! By taking bath there one gets the results of Agnistomayagya. 18 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥