Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 3.83.133: जो लोग सप्तसारस्वत तीर्थ में स्नान करके मेरी पूजा करेंगे, उनके लिए इस लोक में और परलोक में कोई वस्तु दुर्लभ नहीं रहेगी॥133॥   |   mahabharat अध्याय 3.83: कुरुक्षेत्रकी सीमामें स्थित अनेक तीर्थोंकी महत्ताका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 83: कुरुक्षेत्रकी सीमामें स्थित अनेक तीर्थोंकी महत्ताका वर्णन  »  श्लोक 133
 
 
श्लोक  3.83.133 
सप्तसारस्वते स्नात्वा अर्चयिष्यन्ति ये तु माम्।
न तेषां दुर्लभं किंचिदिहलोके परत्र च॥ १३३॥
 
 
अनुवाद
जो लोग सप्तसारस्वत तीर्थ में स्नान करके मेरी पूजा करेंगे, उनके लिए इस लोक में और परलोक में कोई वस्तु दुर्लभ नहीं रहेगी॥133॥
 
'For those who will worship me after taking a bath in the Saptasaraswat Tirtha, nothing will be scarce in this world or the next.॥ 133॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)