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mahabharat 3.83.129: 'अनघ! ब्रह्मा आदि सभी देवता आपमें ही दृष्टिगोचर होते हैं। आप ही इस जगत् में सब कुछ करने और कराने वाले हैं॥129॥   |   mahabharat अध्याय 3.83: कुरुक्षेत्रकी सीमामें स्थित अनेक तीर्थोंकी महत्ताका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 83: कुरुक्षेत्रकी सीमामें स्थित अनेक तीर्थोंकी महत्ताका वर्णन  »  श्लोक 129
 
 
श्लोक  3.83.129 
त्वयि सर्वे प्रदृश्यन्ते सुरा ब्रह्मादयोऽनघ।
सर्वस्त्वमसि लोकानां कर्ता कारयिता च ह॥ १२९॥
 
 
अनुवाद
'अनघ! ब्रह्मा आदि सभी देवता आपमें ही दृष्टिगोचर होते हैं। आप ही इस जगत् में सब कुछ करने और कराने वाले हैं॥129॥
 
'Anagh! All the gods like Brahma etc. are visible in you. You are the one who does and makes everything happen in this world.॥ 129॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)