Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.83.126: महाराज! यह असाधारण बात देखकर ऋषि लज्जित हो गए और महादेवजी के चरणों में गिर पड़े तथा महादेवजी से बढ़कर किसी अन्य देवता को न मानने का निश्चय किया॥126॥ | mahabharat अध्याय 3.83: कुरुक्षेत्रकी सीमामें स्थित अनेक तीर्थोंकी महत्ताका वर्णन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
महाराज! यह असाधारण बात देखकर ऋषि लज्जित हो गए और महादेवजी के चरणों में गिर पड़े तथा महादेवजी से बढ़कर किसी अन्य देवता को न मानने का निश्चय किया॥126॥
Maharaj! On seeing this extraordinary thing the sage felt ashamed and fell at the feet of Mahadevji and decided not to consider any other deity greater than Mahadevji.॥ 126॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥