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श्री महाभारत
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पर्व 3: वन पर्व
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अध्याय 83: कुरुक्षेत्रकी सीमामें स्थित अनेक तीर्थोंकी महत्ताका वर्णन
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श्लोक 107
श्लोक
3.83.107
शालिहोत्रस्य तीर्थे च शालिसूर्ये यथाविधि।
स्नात्वा नरवरश्रेष्ठ गोसहस्रफलं लभेत्॥ १०७॥
अनुवाद
हे पुरुषश्रेष्ठ! शालिहोत्र के शालिसूर्य नामक तीर्थ में विधिपूर्वक स्नान करने से मनुष्य को हजार गोदान का फल प्राप्त होता है ॥107॥
Male best! By taking ritual bath in the holy place named Shalisurya of Shalihotra, a person gets the result of thousand Godan. 107॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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