Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 3.82.71-72: हे भरतवंशावतार कुरुश्रेष्ठ! उनकी परिक्रमा करके त्रिभुवन में 'दमि' नामक प्रसिद्ध तीर्थस्थान पर जाओ, जो सब पापों का नाश करने वाला है। वहाँ ब्रह्मा आदि देवता भगवान महेश्वर की पूजा करें। 71-72॥   |   mahabharat अध्याय 3.82: भीष्मजीके पूछनेपर पुलस्त्यजीका उन्हें विभिन्न तीर्थोंकी यात्राका माहात्म्य बताना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 82: भीष्मजीके पूछनेपर पुलस्त्यजीका उन्हें विभिन्न तीर्थोंकी यात्राका माहात्म्य बताना  »  श्लोक 71-72
 
 
श्लोक  3.82.71-72 
प्रदक्षिणमुपावृत्य गच्छेत भरतर्षभ।
तीर्थं कुरुवरश्रेष्ठ त्रिषु लोकेषु विश्रुतम्॥ ७१॥
दमीति नाम्ना विख्यातं सर्वपापप्रणाशनम्।
तत्र ब्रह्मादयो देवा उपासन्ते महेश्वरम्॥ ७२॥
 
 
अनुवाद
हे भरतवंशावतार कुरुश्रेष्ठ! उनकी परिक्रमा करके त्रिभुवन में 'दमि' नामक प्रसिद्ध तीर्थस्थान पर जाओ, जो सब पापों का नाश करने वाला है। वहाँ ब्रह्मा आदि देवता भगवान महेश्वर की पूजा करें। 71-72॥
 
Bharatvanshavatans Kurushrestha! After circumambulating them, go to the famous pilgrimage site named 'Dami' in Tribhuvan, which is the destroyer of all sins. There Brahma and other gods worship Lord Maheshwar. 71-72॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)